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पाता ही क्या है कभी छाँव रिसता कब आती हैं आम आदमी कभी रेलगाड़ी में जिंदगी मज़ेदार गुमसुमसीहोगईहैजिंदगीखालीमकानसाहैमनमोतियोंसीमुस्कानकोईबिखेरेपंछियोंसाचहकताहैतन तस्लीमवो मैं आग हूं कभी ना कभी लागू ही सफ़र बस मेें की तो बात किसी न किसी जीवन संग्राम कभी कभी रोज़ रोना जूझना जिस्म

Hindi कभी बस Quotes